AI फाउंडेशन कोर्स बनेगा भारत के युवाओं का करियर गेम-चेंजर
AI फाउंडेशन कोर्स युवाओं के लिए भविष्य का सबसे मजबूत करियर प्लेटफॉर्म बनकर उभर रहा है, जिससे रोजगार और डिजिटल स्किल्स के नए अवसर खुल रहे हैं।
नई दिल्ली | विशेष संवाददाता
भारत में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) तेजी से डिजिटल क्रांति का आधार बनता जा रहा है। IACT Education के विशेषज्ञ राजीव सिंह ने कहा कि आने वाले वर्षों में AI फाउंडेशन कोर्स देश के युवाओं के लिए सबसे मजबूत करियर प्लेटफॉर्म साबित होंगे।

उन्होंने बताया कि हेल्थकेयर, बैंकिंग, एजुकेशन, ई-कॉमर्स, मैन्युफैक्चरिंग, स्मार्ट सिटी और सरकारी डिजिटल सेवाओं में AI तकनीक का उपयोग लगातार बढ़ रहा है, जिससे प्रशिक्षित AI प्रोफेशनल्स की मांग में रिकॉर्ड वृद्धि देखी जा रही है।
AI फाउंडेशन कोर्स: भविष्य की स्किल्स की मजबूत नींव
राजीव सिंह के अनुसार, AI फाउंडेशन कोर्स को इस तरह डिजाइन किया गया है कि टेक्निकल और नॉन-टेक्निकल दोनों पृष्ठभूमि के छात्र आसानी से इसे सीख सकें। इस कोर्स में Python प्रोग्रामिंग, मशीन लर्निंग की मूल अवधारणाएं, डेटा एनालिसिस, AI मॉडल डेवलपमेंट, एथिक्स और इंडस्ट्री-बेस्ड प्रोजेक्ट्स को शामिल किया जाता है।
उन्होंने कहा कि यह कोर्स छात्रों को केवल सर्टिफिकेट नहीं, बल्कि जॉब रेडी स्किल्स प्रदान करता है, जिससे वे इंडस्ट्री की वास्तविक जरूरतों को पूरा कर सकें।
हर सेक्टर में AI टैलेंट की बढ़ती मांग
IACT Education के विशेषज्ञ ने बताया कि AI अब केवल IT सेक्टर तक सीमित नहीं रह गया है। बैंकिंग में फ्रॉड डिटेक्शन, हेल्थकेयर में मेडिकल रिपोर्ट एनालिसिस, रिटेल में कस्टमर बिहेवियर ट्रैकिंग, लॉजिस्टिक्स में सप्लाई चेन ऑटोमेशन और इंडस्ट्री में स्मार्ट मैन्युफैक्चरिंग जैसे क्षेत्रों में AI का व्यापक उपयोग हो रहा है।
इसके कारण डेटा साइंटिस्ट, AI इंजीनियर, मशीन लर्निंग एक्सपर्ट, बिजनेस एनालिस्ट, NLP स्पेशलिस्ट और AI प्रोडक्ट मैनेजर जैसे पदों पर रोजगार के अवसर तेजी से बढ़ रहे हैं।
उच्च वेतन और ग्लोबल अवसर
राजीव सिंह ने बताया कि भारत में AI से जुड़े एंट्री-लेवल प्रोफेशनल्स को 4 से 8 लाख रुपये सालाना पैकेज मिल सकता है, जबकि अनुभवी एक्सपर्ट्स के लिए यह पैकेज 15 से 25 लाख रुपये या उससे अधिक तक पहुंच सकता है।
उन्होंने यह भी कहा कि AI स्किल्स रखने वाले युवाओं को अंतरराष्ट्रीय कंपनियों में रिमोट जॉब और ग्लोबल प्रोजेक्ट्स पर काम करने के अवसर भी मिल रहे हैं।
स्टार्टअप और उद्यमिता को मिलेगा नया प्लेटफॉर्म
AI फाउंडेशन कोर्स युवाओं को नौकरी के साथ-साथ स्टार्टअप और टेक्नोलॉजी आधारित बिजनेस शुरू करने के लिए भी प्रेरित कर रहा है। हेल्थटेक, एडटेक, फिनटेक और एग्रीटेक जैसे सेक्टर में AI आधारित स्टार्टअप्स तेजी से उभर रहे हैं।
राजीव सिंह का संदेश
राजीव सिंह ने कहा —
“AI अब भविष्य की तकनीक नहीं, बल्कि वर्तमान की आवश्यकता बन चुकी है। जो युवा आज AI स्किल्स में निवेश करेंगे, वही आने वाले समय में भारत की डिजिटल अर्थव्यवस्था का नेतृत्व करेंगे।”
उन्होंने छात्रों, युवाओं और प्रोफेशनल्स से अपील की कि वे AI फाउंडेशन ट्रेनिंग को प्राथमिकता दें और भविष्य की तकनीकी जरूरतों के अनुसार खुद को तैयार करें।