लाल किले से AI का आह्वान, मोती नगर से जमीनी पहल
लाल किले से AI विजन और मोती नगर से जमीनी पहल: जन कौशल केंद्र युवाओं को AI, डिजिटल कौशल, रोजगार और भविष्य की तकनीक से जोड़ने की नई शुरुआत है।
लाल किले से AI का आह्वान, मोती नगर से जमीनी पहल -
जन कौशल केंद्र का शुभारंभ: दिल्ली के युवाओं को AI, डिजिटल और भविष्य के कौशल से जोड़ने की दिशा में कदम
नई दिल्ली, 20 अगस्त 2026: प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने स्वतंत्रता दिवस पर लाल किले की प्राचीर से भारत के युवाओं को Artificial Intelligence के युग के लिए तैयार करने का आह्वान किया। उन्होंने आने वाले एक वर्ष में एक करोड़ युवाओं को AI कौशल से प्रशिक्षित करने के राष्ट्रीय लक्ष्य की बात कही, ताकि देश की युवा शक्ति AI के क्षेत्र में दुनिया का नेतृत्व करने की क्षमता विकसित कर सके।

प्रधानमंत्री के इस व्यापक राष्ट्रीय दृष्टिकोण के कुछ ही दिनों बाद, दिल्ली के मोती नगर में इसी दिशा में एक जमीनी पहल के रूप में ‘जन कौशल केंद्र – Community AI, Future Skills & Citizen Empowerment Centre’ का शुभारंभ किया गया। केंद्र का उद्घाटन दिल्ली की मुख्यमंत्री श्रीमती रेखा गुप्ता ने किया। इस अवसर पर Miss Bansuri Swaraj, Member of Parliament, तथा श्री हरिश खुराना, विधायक, मोती नगर उपस्थित रहे।
कार्यक्रम में डॉ. समीर भाटी, President, Trinity Foundation और श्री राजीव कुमार, Director, IACT Education भी उपस्थित रहे।
द मदन लाल खुराना फाउंडेशन द्वारा संकल्पित इस पहल में Trinity Foundation Community & Social Impact Partner तथा IACT Education Training & Implementation Partner के रूप में जुड़ा है। इस पहल का उद्देश्य Artificial Intelligence, डिजिटल कौशल, रोजगारपरक प्रशिक्षण, उद्यमिता और भविष्य के कौशल को समुदाय के और करीब लाना है।
AI की पहुंच अब सिर्फ विशेषज्ञों तक सीमित नहीं
Artificial Intelligence तेजी से शिक्षा, रोजगार, कारोबार और रोजमर्रा की जिंदगी को बदल रहा है। ऐसे समय में सबसे बड़ी चुनौती केवल AI तकनीक विकसित करना नहीं, बल्कि यह सुनिश्चित करना भी है कि समाज के विभिन्न वर्गों को इसे समझने और इस्तेमाल करने का अवसर मिले।
जन कौशल केंद्र इसी अंतर को कम करने का प्रयास है।
केंद्र में विद्यार्थियों, युवाओं, महिलाओं, नौकरी की तलाश कर रहे युवाओं और स्वरोजगार की इच्छा रखने वाले लोगों के लिए AI एवं Future Skills, डिजिटल उत्पादकता, कंप्यूटर एवं डिजिटल कौशल, करियर तैयारी, संचार कौशल और उद्यमिता जैसे क्षेत्रोंमें प्रशिक्षण एवं मार्गदर्शन उपलब्ध कराया जाएगा।
केंद्र का प्रमुख कार्यक्रम Certificate in AI & Future Skills (CAFS) है, जिसके माध्यम से विद्यार्थियों को AI की मूलभूत समझ, AI आधारित creativity और productivity, responsible AI, innovation, problem-solving तथा भविष्य के career opportunities से परिचित कराया जाएगा।
प्रशिक्षण को केवल classroom learning तक सीमित न रखते हुए practical exposure और project-based learning पर जोर दिया जाएगा, ताकि विद्यार्थी तकनीक को समझने के साथ उसका वास्तविक जीवन में उपयोग भी कर सकें।
मोती नगर से शुरू, दिल्ली तक विस्तार की परिकल्पना
जन कौशल केंद्र को केवल एक प्रशिक्षण केंद्र के रूप में नहीं, बल्कि community-level skilling model के रूप में विकसित करने की परिकल्पना की गई है।
इसका उद्देश्य है कि किसी विद्यार्थी को AI सीखने के लिए दूर न जाना पड़े, किसी युवा को digital skills के लिए अपने समुदाय से बाहर न जाना पड़े और किसी महिला या aspiring entrepreneur को technology-enabled opportunities की जानकारी अपने ही क्षेत्र में मिल सके।
केंद्र का proposed learning journey Training → Assessment → Certification → Career Guidance → Employment & Entrepreneurship Linkages के माध्यम से आगे बढ़ेगा। प्रशिक्षण के बाद beneficiaries की प्रगति और outcomes को भी track करने पर जोर दिया जाएगा।
श्री हरिश खुराना, विधायक, मोती नगर, ने कहा कि जन कौशल केंद्र की सोच इस विश्वास पर आधारित है कि किसी युवा का भविष्य इस बात से तय नहीं होना चाहिए कि वह किस क्षेत्र में रहता है या उसे technology तक कितनी पहुंच उपलब्ध है। उन्होंने कहा कि मोती नगर इस यात्रा की शुरुआत है और आगे इसे दिल्ली के अन्य क्षेत्रों में भी एक replicable community-skilling model के रूप में विकसित करने की संभावनाएं तलाशने की योजना है।
Miss Bansuri Swaraj, Member of Parliament, ने भी Artificial Intelligence के दौर में देश के युवाओं को भविष्य के कौशल से जोड़ने की आवश्यकता पर जोर दिया और कहा कि जन कौशल केंद्र जैसे प्रयास emerging technology और grassroots communities के बीच की दूरी को कम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।
यह पहल Late Shri Madan Lal Khurana Ji की जनसेवा की विरासत से प्रेरणा लेते हुए आज की जरूरतों के अनुरूप skills, technology और opportunity को समुदाय से जोड़ने का प्रयास है।
100 जन कौशल केंद्रों का बड़ा विजन

मोती नगर केंद्र को एक demonstration centre के रूप में विकसित करने के साथ भविष्य में दिल्ली के विभिन्न क्षेत्रों में 100 जन कौशल केंद्र स्थापित करने की परिकल्पना की गई है। प्रस्तावित क्षमता के अनुसार प्रत्येक केंद्र प्रति तिमाही लगभग 1,000 learner engagements कर सकता है।
100 केंद्रों का नेटवर्क बनने पर यह क्षमता लगभग एक लाख learner engagements प्रति तिमाही और चार लाख से अधिक वार्षिक learner engagements तक पहुंच सकती है।
हालांकि, इस विस्तार का आधार केवल संख्या नहीं, बल्कि outcomes और impact होंगे। मोती नगर केंद्र के अनुभव, community participation, training quality और learner outcomes के आधार पर मॉडल को आगे बढ़ाने की योजना है।
राष्ट्रीय AI विजन से समुदाय तक
जन कौशल केंद्र की यह पहल प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के AI-सक्षम और भविष्य के लिए तैयार भारत के व्यापक विजन के साथ जुड़ती है। राष्ट्रीय स्तर पर युवाओं को AI skills से सशक्त बनाने का जो बड़ा लक्ष्य सामने रखा गया है, जन कौशल केंद्र उसी दिशा में एक छोटा लेकिन जमीनी स्तर का सहयोगी कदम बनने का प्रयास है।
राष्ट्रीय स्तर पर तय दिशा को वास्तविक प्रभाव में बदलने के लिए ऐसे community-level प्रयास महत्वपूर्ण हो सकते हैं, जहां technology और skills सीधे लोगों तक पहुंचें।
लाल किले से व्यक्त राष्ट्रीय विजन और मोती नगर से शुरू हुई यह जमीनी पहल—दोनों का उद्देश्य एक ही दिशा में है: भारत के युवाओं को AI के युग के लिए तैयार करना और उन्हें नई संभावनाओं के लिए सशक्त बनाना।

मोती नगर से शुरू हुई यह यात्रा आगे दिल्ली के अनेक समुदायों तक पहुंचने की परिकल्पना रखती है।
“राष्ट्रीय विजन से सामुदायिक पहल तक — AI कौशल से अवसर तक।”